कांतारा: चैप्टर 1 (देव और इंसान)

आज 6 अक्टूबर 2025 को रात 10:30 मिनिट वाले शो में मूवी को देखना बहुत ही रोमांचक था

इस कहानी की शुरुवात होती माता पार्वती से एक बार माता पार्वती एक जंगली वराह को अपने साथ कैलाश पर ले आई , जैसे जैसे समय बीतता गया जंगली सूकर भी बड़ा होता गया और उसके सिंग भी बड़े होते गए उसके सींगों में खुजली होती थी तो जंगल और और फ़सलों की नष्ट कर देता था लेकिन उसकी पीड़ा कम नहीं होती थी इस से भगवान भोलेनाथ बहुत ज़्यादा क्रोध में हो गए और उसको मारने को चल दिए लेकिन माता पार्वती से उसको बहुत प्यार से पाला तो माता ने प्रभु से विनती की वो उसके माफ कर दे तो भगवान ने उसे माफ कर दिया और साथ में उसे कहा की वो कैलाश को छोड़ दे और धरती पर जाकर लोगो की फ़सलों की रक्षा करे। और इस प्रकार देव ने इंसानों की रक्षा शुरू की।

क्या है कांतारा: देव का मधुबन

कांतारा एक जंगल का नाम है कहा जाता है कि वो जंगल बहुत की शांत और हर प्रकार की संपदा से भरा हुआ है, कांतारा जंगल में देव निवास करते है और आपको तो ये पता है की जहाँ सच होता तो कहीं ना कहीं झूठ भी होता है इसी प्रकार कुछ और लोग देव की पूजा करते है और कुछ लोग देव को अपने वश में करके दुनिया में राज करना चाहते है इस कहानी में भी यही होता है तंत्र विद्या करने वाले आदिवासी जब देव के लोगो के पास आकर मदद के लिए बोलते है तो वो लोग उनको अपने साथ रहने को बोल देते है और फिर अपनी चाल चलते है तो और काली विद्या की मदद से वो देव को बढ़ी बना लेते है।

देव की मुक्ति और कांतारा में वापसी

एक बार जब कांतारा जंगल के मुखिया और उसकी पत्नी जंगल से जा रहे थे तो उनको एक बच्चा जंगल में एक कुए में मिला और उसके चारों और शेर घूम रहा था मानो की वो बच्चे की रक्षा कर रहा था। मुखिया को पत्नी को जैसे ही उस बच्चे को देखा तो उसके अंदर की ममता जाग गई और वो उस बच्चे को अपने साथ ले आई और उसका पालन पोषण करने लगी और समय बीतता गया और वो दूध पीता बच्चा अब एक जवान हट्टा कट्टा नौजवान बन गया था। एक दिन जब वो लड़का जंगल के अंदर तक गया जड़ी बूटी इक्कठा करने के लिए तो वो जंगल के काफ़ी अंदर तक चला गया और उनने अनजाने में अपने जंगल की सीमा लांग दी और वो काली विद्याओं में माहिर और देव को केद करने वाले दूसरे आदिवसी के जंगलों में घुस गया अपने साथियो के साथ वहाँ पर उसकी मदद के लिए माता पार्वती को शेर आया और उसने शेर की मदद से अपने देव को मुक्त करवाया और अब उसके पाव देव की बहुत सारी शक्तियाँ आ गई तो और उसने उस सभी आदिवासियों को हरा दिया और वो कांतारा में वापिस लोट आया।

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